अंबाजी : राजकोट के संघ ने 14 दिन की पदयात्रा के बाद पारंपरिक परिधानों में ढाजा व मांडवी अर्पित की. अंबाजी : अंबाजी पहुंचा राजकोट का संघ, पारंपरिक परिधानों में ढांजे और मांडवी

राजकोट से संघ विशेष पारंपरिक ड्रेस कोड में पहुंचा और ढाजा और मांडवी की पेशकश की। यह संघ पिछले 21 साल से राजकोट से अंबाजी तक चल रहा है। अंबाजी में भद्रवी पूनम के मेले का एक अनूठा महत्व है।

अंबाजी : राजकोट संघ ने 14 दिन की पदयात्रा के बाद पारंपरिक परिधानों में चढ़ाए ढाजा व मांडवी

अंबाजी में राजकोट के संघ ने ढाजा और मांडवी की पेशकश की

शक्ति, भक्ति और आस्था का केंद्र है शक्तिपीठ अंबाजी (अंबाजी) मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। शक्तिपीठ अंबाजी में भद्रवी पूनम का महामेलानहीं (भद्रवी पूनम मेलो) पांचवें दिन बड़ी संख्या में संभावित भक्तों का हुजूम उमड़ा। फिर राजकोट से एक दल 14 दिन की लंबी यात्रा के बाद अंबाजी धाम पहुंचा। राजकोट से संघ विशेष पारंपरिक ड्रेस कोड में पहुंचा और ढाजा और मांडवी की पेशकश की। यह संघ पिछले 21 साल से राजकोट से अंबाजी तक चल रहा है। अंबाजी में भद्रवी पूनम के मेले का एक अनूठा महत्व है। उस समय विभिन्न संघों के साथ भक्त अंबाजी पहुंच रहे हैं।

चौथे दिन श्रद्धालुओं ने लिया गरबा का लुत्फ

नवरात्रि पर (नवरात्रि 2022) अभी भी वक्त है लेकिन अंबाजी में भक्त (अंबाजी) उन्होंने मां अम्बा की उपस्थिति में गरबा बजाकर विशेष भक्ति की। अंबाजी धाम में भद्रवी पूनम मेला शुरू हो चुका है। मां अंबा के दर्शन के लिए गुजरात समेत पूरे देश से भक्त उमड़ते हैं। इसलिए 1 किमी लंबा झंडा अंबाजी माता को भेंट किया गया है। दाहोद के लिमखेड़ा का संघ 1 किमी लंबा झंडा लेकर अंबाजी पहुंचा और माताजी को 1152 गज झंडा भेंट किया।

300 लोगों के इस संघ ने जय अम्बे के संगीत के साथ पदयात्रा से माताजी के दरबार की यात्रा की और माताजी के दर्शन पाकर धन्य महसूस किया। भद्रवी पूनम के मद्देनजर भक्त अंबाजी में आते हैं। हर दिन लाखों लोग माताजी के दर्शन कर धन्य महसूस कर रहे हैं।

मेले के चौथे दिन की रात मानसरोवर चौक पर गरबा का तांता लगा रहा. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बाहरी समाज के लोग शामिल हुए। कोरोना काल के दो वर्ष बाद भद्रवी पूनम का मेला लगने से लाखों श्रद्धालु पैदल ही अंबाजी पहुंचे हैं। अरावली की घाटियाँ जय अम्बे जय अम्बे की गूंज से गूंजती हैं। ऐसे में मां अंबा के स्टोर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. मां अंबा के बैंक में पिछले तीन दिनों में एक करोड़ से ज्यादा कैश आ चुका है. लाखों लोगों ने माताजी को नकद रूप में दान दिया है।

भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे

पिछले चार दिनों में 11 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं और ढाई करोड़ रुपये के प्रसाद के पैकेट बांटे जा चुके हैं. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष सुविधाएं बनाई गई हैं. साथ ही श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए एसटी निगम की ओर से अतिरिक्त बसें भी चलाई जा रही हैं.

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