अगर आप कुनो नेशनल पार्क में नामीबियाई तेंदुओं को देखना चाहते हैं, तो यहां जानिए पार्क की खासियतें कुनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीतों को देखना चाहते हैं तो जानिए यहां के पार्क की खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 70 साल बाद नामीबिया से 8 तेंदुओं को भारत लाया गया है. इन तेंदुओं को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। क्या आप भी इन्हें देखना चाहते हैं तो एक बार इस राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े ये रोचक तथ्य जान लें।

सितम्बर 17, 2022 | 12:08 अपराह्न

TV9 गुजराती


| एडिटिंग : धीनल चावड़ा

सितम्बर 17, 2022 | 12:08 अपराह्न




मध्य प्रदेश का कुनो नेशनल पार्क नामीबियाई तेंदुओं की वजह से सुर्खियों में है।  राज्य में हरियाली और खूबसूरत नज़ारों वाले कई नेशनल पार्क हैं, लेकिन इन तेंदुओं की वजह से कूनो नेशनल पार्क चर्चा में बना रहता है।  जानिए इस पार्क के बारे में कुछ रोचक तथ्य...

मध्य प्रदेश का कुनो नेशनल पार्क नामीबियाई तेंदुओं की वजह से सुर्खियों में है। राज्य में हरियाली और खूबसूरत नज़ारों वाले कई नेशनल पार्क हैं, लेकिन इन तेंदुओं की वजह से कूनो नेशनल पार्क चर्चा में बना रहता है। जानिए इस पार्क के बारे में कुछ रोचक तथ्य…

कुनो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी, जो मप्र के श्योपुर जिले से लगभग 60 किमी दूर है।  राष्ट्रीय उद्यान विंध्याचल पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है और दो किलों, आमेट और मातोनी की उपस्थिति की विशेषता है।  कहा जाता है कि कूनो कभी राजाओं का शिकारगाह हुआ करता था।

कुनो राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी, जो मप्र के श्योपुर जिले से लगभग 60 किमी दूर है। राष्ट्रीय उद्यान विंध्याचल पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है और दो किलों, आमेट और मातोनी की उपस्थिति की विशेषता है। कहा जाता है कि कूनो कभी राजाओं का शिकारगाह हुआ करता था।

रिपोर्टों के अनुसार, इसे वर्ष 1981 में अभयारण्य के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था, लेकिन वर्ष 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था।  यह 70 किलोमीटर में फैला हुआ है और कहा जाता है कि इसमें पेड़ों की लगभग 120 प्रजातियां हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, इसे वर्ष 1981 में अभयारण्य के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था, लेकिन वर्ष 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था। यह 70 किलोमीटर में फैला हुआ है और कहा जाता है कि इसमें पेड़ों की लगभग 120 प्रजातियां हैं।

इस राष्ट्रीय उद्यान में आपको नामीबियाई चीता देखने की संभावना है, लेकिन भेड़िये, सियार, भालू, सियार जैसी अन्य पशु प्रजातियां भी हैं।  इसके अलावा आप यहां हिरण, नीलगाय और अन्य शाकाहारियों को भी देख सकते हैं।

इस राष्ट्रीय उद्यान में आपको नामीबियाई चीता देखने की संभावना है, लेकिन भेड़िये, सियार, भालू, सियार जैसी अन्य पशु प्रजातियां भी हैं। इसके अलावा आप यहां हिरण, नीलगाय और अन्य शाकाहारियों को भी देख सकते हैं।

कुनो नेशनल पार्क में एक रिसॉर्ट भी है जहां आप ठहर सकते हैं।  अगर आप सस्ते में रहना चाहते हैं तो श्योपुर या सवाई में स्थित हॉस्टल में रह सकते हैं।  यहां आप सफारी का मजा भी ले सकते हैं।  दो सफारी हैं, एक सुबह और दूसरी शाम 4 से 6 बजे के बीच।

कुनो नेशनल पार्क में एक रिसॉर्ट भी है जहां आप ठहर सकते हैं। अगर आप सस्ते में रहना चाहते हैं तो श्योपुर या सवाई में स्थित हॉस्टल में रह सकते हैं। यहां आप सफारी का मजा भी ले सकते हैं। दो सफारी हैं, एक सुबह और दूसरी शाम 4 से 6 बजे के बीच।






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