क्या एससीओ में मिलेंगे पीएम मोदी और शी जिनपिंग? चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब क्या शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में मिलेंगे पीएम मोदी और शी जिंगपिंग?

एससीओ आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा संगठन है जिसमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।

क्या एससीओ में मिलेंगे पीएम मोदी और शी जिनपिंग?  चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

पीएम मोदी और शी जिंगपिंग

छवि क्रेडिट स्रोत: फ़ाइल छवि

इस सप्ताह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)बैठक होने वाली है। शिखर सम्मेलन 15 सितंबर से उज्बेकिस्तान में होगा। इस बैठक में पीएम मोदी, (पीएम मोदी) चीन के राष्ट्रपति झी जिनपिंग (शी जिंगपिंग) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को दैनिक समाचार ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय से शी की योजनाओं के बारे में पूछा गया था। चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

चीन के विदेश मंत्रालय ने बैठक पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मंत्रालय से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) क्षेत्रीय सुरक्षा ब्लॉक शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी या रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच बैठक के बारे में पूछा गया था। चीन ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह दो साल में पहली बार देश से बाहर कजाकिस्तान जाएंगे और उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

कोरोना के बाद चीन के राष्ट्रपति की पहली मुलाकात

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि शी समरकंद शहर में एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 22वीं बैठक में भाग लेंगे और 14 से 16 सितंबर तक कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। शी 14 सितंबर को कजाकिस्तान का दौरा करेंगे, जो जनवरी 2020 के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। शी ने आखिरी बार 17-18 जनवरी, 2020 को म्यांमार का दौरा किया था।

म्यांमार से लौटने के कुछ दिनों बाद चीन ने वुहान में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस फैलने की घोषणा की। यह बाद में एक वैश्विक महामारी बन गया, जिसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हुई। 69 वर्षीय शी ने तब से चीन नहीं छोड़ा है और वैश्विक कार्यक्रमों में डिजिटल रूप से भाग लेते रहे हैं।

एससीओ में कौन से देश शामिल हैं?

कजाकिस्तान के बाद, शी पड़ोसी उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे, जहां एससीओ शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर के लिए निर्धारित है। बीजिंग मुख्यालय वाला एससीओ आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा संगठन है जिसमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। समरकंद में शिखर सम्मेलन के बाद भारत मध्य एशियाई गणराज्यों के इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता संभालेगा। सम्मेलन में ईरान के SCO में औपचारिक रूप से शामिल होने की संभावना है।

पुतिन, मोदी और शी जिनपिंग होंगे शामिल

एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की संभावना है। रूसी अधिकारियों ने घोषणा की है कि पुतिन और शी समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले मिलेंगे, जो इस साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पहली बार होगा। विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एससीओ में भाग लेने के लिए 15-16 सितंबर को उज्बेकिस्तान जाएंगे और शिखर सम्मेलन के साथ कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 22वीं बैठक में भाग लेने के लिए 15-16 सितंबर को समरकंद का दौरा करेंगे।

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