सौराष्ट्र में जीएसटी विभाग की कार्रवाई, करोड़ों के बेनामी लेनदेन के आरोप में गिरफ्तार | फर्जी बिलिंग घोटाले में राजकोट जीएसटी विभाग की कार्रवाई

एक बड़ी फर्म के मैनेजर हिरण्य उमाकांत देसाई को तलब करने के बावजूद वह जांच से फरार था। वह अहमदाबाद से दुबई भागने की फिराक में था

TV9 गुजराती


| एडिटिंग : ममता गढ़वीक

सितम्बर 09, 2022 | 1:26 अपराह्न




करोड़ों का फर्जी बिलिंग घोटालामें (फर्जी बिल घोटाला) जीएसटी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। जीएसटी अधिकारियों ने भावनगर की एक फर्म के मालिक को गिरफ्तार किया है। भावनगर समेत प्रदेश के कई जगहों पर स्टेट जीएसटी टीम (जीएसटी टीम) ने 70 करोड़ से अधिक के करोड़ों के फर्जी बिलिंग घोटाले पर छापा मारा। मुख्य फर्म के प्रबंधक हिरण्य उमाकांत देसाई (उमाकांत देसाईसमन के बावजूद वह जांच से फरार था। वह अहमदाबाद से दुबई भागने की फिराक में था। इस बीच जीएसटी विभाग ने इसमें तेजी लाई।

जांच से पता चला कि गलत टैक्स क्रेडिट लिया गया था

स्टेट जीएसटी सूत्रों के मुताबिक, एकॉस्ट इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड की भावनगर (भावनगर) और अहमदाबाद (अहमदाबाद) 29 जून 2022 को व्यापारिक स्थानों पर छापेमारी और जांच की गई, जिनमें शामिल हैं एकोस्ट इंपेक्स कंपनी ने 28 फर्जी फर्मों से लगभग 70.65 करोड़ की फर्जी खरीद का गुमनाम लेनदेन किया था। इन लेनदेन के लिए कोई बिल प्राप्त नहीं हुआ था। और जांच में सामने आया कि फर्जी लेनदेन के जरिए करीब 12.79 करोड़ का फर्जी टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया।

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